कानपुर। छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कानपुर ने बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। संस्थान ने कैंपस में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने का निर्णय लिया है।
सबसे अहम पहल के तहत अब हॉस्टल कमरों में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाए जाएंगे, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यह कदम छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया है। पहले चल रही इंस्टिट्यूट काउंसलिंग सर्विस का नाम बदलकर अब “सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग” कर दिया गया है, ताकि इसे और व्यापक व प्रभावी बनाया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत:
कैंपस में 10 फुल-टाइम मनोवैज्ञानिक तैनात किए जाएंगे
4 मनोचिकित्सक 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे
छात्रों को ऑनलाइन काउंसलिंग प्लेटफॉर्म YourDOST के माध्यम से भी सहायता दी जाएगी
आईआईटी प्रशासन का कहना है कि छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक और मानसिक दबाव को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था। संस्थान का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी डर या तनाव के अपनी समस्याएं साझा कर सकें और समय रहते उन्हें मदद मिल सके।
यह पहल देश के अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है, जहां मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है।
आईआईटी कानपुर में छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, लगेंगे स्प्रिंग-लोडेड पंखे


