फर्रुखाबाद। गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही शहर में भगवान गणेश की प्रतिमाओं का बाजार सज गया है। फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मार्ग पर मिशन अस्पताल के पास राजस्थान और फिरोजाबाद से आए कारीगर दिन-रात प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। बाजार में आधा फीट से लेकर नौ फीट तक की आकर्षक प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं में मिट्टी और पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक दिखाई दे रही है।
कारीगर प्रतिमाओं पर रंग चढ़ाने के साथ मुकुट, आभूषण और आंखों की बारीक कारीगरी कर रहे हैं। कारीगरों के मुताबिक ढाई फीट की प्रतिमा करीब 300 रुपये में उपलब्ध है, जबकि नौ फीट की प्रतिमा की कीमत 6 हजार से 14 हजार रुपये तक है। छोटी-बड़ी प्रतिमाओं के लिए श्रद्धालु खरीदारी करने पहुंचने लगे हैं।
कारीगरों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रंग, भाड़ा और मजदूरी महंगी हो गई है। पिछले साल करीब 300 रुपये लीटर मिलने वाला रंग अब 400 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। मजदूरी भी 800 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर करीब 1,000 रुपये हो गई है। बढ़ती लागत का असर प्रतिमाओं की कीमतों पर भी पड़ा है।
बाजार में मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की मांग अधिक है। श्रद्धालु पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी और हर्बल रंगों से तैयार प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। कारीगर एक से नौ फीट तक की मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। राजस्थान के पाली, जोधपुर और जयपुर के कारीगर इस कला के लिए प्रसिद्ध हैं।
फिरोजाबाद से आए कारीगर वीरभान ने बताया कि वह पहली बार गणेश प्रतिमाएं लेकर आए हैं। उनके पास पीओपी की प्रतिमाएं भी हैं, हालांकि मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग अधिक है। कारीगर अंशुल सैनी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाएं तैयार की गई हैं।
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन से दस दिवसीय गणेश महोत्सव शुरू होगा। शहर में 250 से अधिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। महोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ होगा।


