लखनऊ। जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र भेजकर गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उरई के थानाध्यक्ष द्वारा उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
रिंकू राही ने पत्र में वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में हुई एक घटना का हवाला देते हुए जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के अभाव में उन्हें अपनी सामान्य जीवनशैली तक सीमित करनी पड़ रही है। साथ ही संयुक्त मजिस्ट्रेट के नाम से दी गई तहरीर को थानाध्यक्ष द्वारा प्राप्त नहीं किए जाने की शिकायत भी की।
राज्यपाल कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने रिंकू राही को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने और की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
रिंकू राही ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब देखना है कि उच्च स्तर से भेजे गए निर्देशों का संबंधित अधिकारी अनुपालन करते हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह यह देखना चाहते हैं कि उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं।
इससे पहले जून 2026 में जालौन कलेक्ट्रेट में हंगामा और धरना देने के मामले में नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने रिंकू सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन पर तैनाती को लेकर दबाव बनाने के लिए आंदोलन करने का आरोप लगाया गया था।
सुरक्षा को लेकर आईएएस रिंकू राही ने राज्यपाल से लगाई गुहार


