मोहम्मद आकिब खांन
यूथ इंडिया फर्रुखाबाद / नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर भारत का समृद्ध भोजन हमेशा से अपनी एक अलग छाप छोड़ता आया है। सोमवार को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक हैदराबाद हाउस में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा स्विट्जरलैंड परिसंघ के राष्ट्रपति महामहिम गाइ पारमेलिन के सम्मान में एक विशेष राजनयिक दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया।
इस हाई-प्रोफाइल लंच की सबसे खास बात इसका अनूठा मेनू रहा, जिसमें स्विट्जरलैंड की पाक-कला और भारत के क्षेत्रीय स्वादों का अद्भुत संगम देखने को मिला। लेकिन इस पूरे आयोजन में जिस व्यंजन ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह था ‘फर्रुखाबादी आलुकम रैक्लेट’
फर्रुखाबाद के आलू का अंतरराष्ट्रीय मंच पर जलवा
फर्रुखाबाद अपनी आलू की पैदावार और स्वाद के लिए देशभर में जाना जाता है। इस कूटनीतिक भोज में फर्रुखाबाद के इसी स्थानीय स्वाद को स्विस परंपरा के साथ जोड़कर परोसा गया। जैसे ही इस राजनयिक भोज का मेनू कार्ड सामने आया, उत्तर प्रदेश और विशेषकर फर्रुखाबाद के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। सोशल मीडिया पर नेटिजन्स इसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर देसी स्वाद की एंट्री और कुलीन कूटनीति में फर्रुखाबाद का गौरव बताकर शेयर कर रहे हैं।
स्विस और भारतीय संस्कृति का फ्यूजन मेनू
इस लंच के विशेष मेनू में सिर्फ उत्तर प्रदेश का फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि भारत के कई अन्य राज्यों की समृद्ध पाक-परंपरा की झलक भी स्विस व्यंजनों के साथ बखूबी देखने को मिली। जहाँ एक ओर ‘अम्बिला गर्स्टेनसुपे’ में पारंपरिक स्विस पर्ल बार्ले सूप के साथ ओडिशा की प्रसिद्ध इमली और गुड़ का खट्टा-मीठा तड़का लगाया गया था, वहीं ‘लापसी नुसतोर्ते पाई’ में प्रसिद्ध स्विस नुसतोर्ते पेस्ट्री को भारतीय देशी घी, अखरोट और इलायची से बने दलिया के हलवे के अनोखे मेल के साथ तैयार किया गया था। मिठास के इस सफर को आगे बढ़ाते हुए ‘मसाला चाय आइसक्रीम’ परोसी गई, जिसमें कैरमेलाइज़्ड आइसक्रीम के साथ भारतीय कड़क काली चाय और सुगंधित मसालों का बेहतरीन स्वाद घोला गया था। इसके अलावा, मुख्य व्यंजनों की थाली में भारत की विविध सांस्कृतिक मिठास और मसालों को दर्शाते हुए धरती के फूल (मशरूम), गोभी मुसल्लम, बेसनी लौकी लच्छा, महाराष्ट्र की प्रसिद्ध तीखट दाल और मिज़ो-स्पाइज्ड पनीर सावचियार जैसी कई जायकेदार डिशेज़ भी शामिल रहीं।


