सात पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने के मामले में जांच तेज, क्लब की डीवीआर पुलिस ने कब्जे में ली
मेरठ। सात पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने के चर्चित हिट एंड रन मामले में अदालत ने कारोबारी के दोनों बेटों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की जांच कर रही पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े अहम साक्ष्य जुटाते हुए एक क्लब की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) भी कब्जे में ले ली है।
पुलिस के अनुसार, बरामद सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी भाई घटना से पहले तेज रफ्तार में कार चलाते और कथित तौर पर रेस लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
यह घटना ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम गेट के पास हुई थी, जहां कार की चपेट में आने से सात पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घायलों का उपचार कराया गया, जबकि मामले ने पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी थीं।
घायल पुलिसकर्मियों ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि कार उन्हें हत्या के इरादे से चढ़ाई गई थी। पुलिस इन्हीं आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विभिन्न धाराओं में जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र में सभी तथ्यों को शामिल किया जाएगा। अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है।


