– 44 परियोजनाओं का शिलान्यास और 21 का लोकार्पण
– 855 करोड़ की लागत से बनेगा 1010 बेड का अस्पताल भवन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में 1606 करोड़ रुपये की लागत वाली 65 चिकित्सा परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें 44 परियोजनाओं का शिलान्यास और 21 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में इलाज, प्रशिक्षण और मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार होगा।
सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में 855 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 1010 बेड का अस्पताल भवन शामिल है। इतने बड़े स्तर पर अस्पताल क्षमता बढ़ने से गंभीर बीमारियों के मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने की योजना के तहत मेरठ के लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर को लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत वाले मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।
परियोजनाओं के तहत अयोध्या, एटा और कुशीनगर में नए छात्रावासों का निर्माण भी किया जाएगा। मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। नए छात्रावास बनने से मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी और संस्थानों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा गोंडा, सहारनपुर, कानपुर और गोरखपुर में भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। वहीं बहराइच, अयोध्या और हरदोई में तैयार परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा।
प्रदेश सरकार का जोर केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मौजूदा चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी है। ट्रॉमा सेंटरों का उन्नयन, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाना और मेडिकल कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इन परियोजनाओं के जरिए सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का नेटवर्क मजबूत करना है। खासतौर पर पूर्वांचल और अन्य क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर गंभीर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
1606 करोड़ रुपये की इन 65 परियोजनाओं के जरिए सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश का संकेत दिया है। अब इन परियोजनाओं की असली सफलता समयबद्ध निर्माण, गुणवत्तापूर्ण कार्य और अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।


