लखनऊ| पूर्व मंत्री अंगद यादव को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी पैरोल याचिका को खारिज कर दिया और राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया।
पूर्व मंत्री अंगद यादव हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उन्होंने अपने बच्चों की शादी के लिए रिश्ते तलाशने का हवाला देते हुए पैरोल की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल रिश्ते ढूंढने के आधार पर पैरोल नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अंगद यादव ने खेती-बाड़ी के काम का हवाला देकर भी राहत मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसे भी पर्याप्त कारण नहीं माना। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी उल्लेख किया कि उनके तीन वयस्क बेटे हैं, जो इन जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम हैं।
इसके अलावा अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि उनके खिलाफ अन्य आपराधिक मामले भी लंबित हैं, जो पैरोल देने के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आधार बने।
गौरतलब है कि इससे पहले भी उनकी सजा के खिलाफ दायर अपीलों को इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किया जा चुका है।
अदालत के इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि गंभीर अपराधों में सजा काट रहे दोषियों को पैरोल देने के लिए ठोस और जरूरी कारण होना अनिवार्य है।
लखनऊ: पूर्व मंत्री अंगद यादव को हाईकोर्ट से झटका, पैरोल याचिका खारिज


