लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई जिलों में बाढ़ के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। फर्रुखाबाद में गंगा नदी के तेज कटान की चपेट में शनिवार को एक मकान देखते ही देखते नदी में समा गया। पिछले दो दिनों में आठ घर गंगा में समा चुके हैं। जिले के 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं और कई गांवों का संपर्क दूसरे इलाकों से टूट गया है। ग्रामीण नाव, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। पानी मणिकर्णिका घाट तक पहुंच गया है, जबकि गंगा किनारे स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर करीब 60 प्रतिशत तक जलमग्न हो गया है। घाटों के बीच संपर्क मार्गों पर भी पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
बिजनौर में गंगा का पानी राज्य राजमार्ग के ऊपर से बह रहा है। कई स्थानों पर सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। खादर क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बलिया में भी सरयू नदी के कटान से अब तक 27 घर नदी में समा चुके हैं।
आगरा में तेज बारिश के बीच दो मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अमरोहा के गजरौला में भी लगातार बारिश के बीच निर्माणाधीन मकान अचानक ढह गया। नोएडा में तेज बारिश के कारण दृश्यता कम हो गई और कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ।
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में 10 बीघे से अधिक गन्ने और धान की फसल नदी में समा गई। सीतापुर में शारदा और घाघरा नदियों के बढ़ते जलस्तर से करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा है और 400 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। लखीमपुर-खीरी में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर दर्ज किया गया है। नरौरा बांध से 1.24 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ से जिले में 5,725 परिवार प्रभावित बताए गए हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने वायुदाब के प्रभाव से कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी के पास बन रहा नया कम वायुदाब का क्षेत्र आने वाले चार दिनों में मानसूनी गतिविधियों को और मजबूत कर सकता है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।


