फिरोजाबाद
जिले के टूंडला थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदाबाद में 24 जून की रात 70 वर्षीय ब्रह्मऋषि का जला हुआ शव मिलने का सनसनीखेज मामला आखिरकार हत्या का निकला। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आग लगने की दुर्घटना या शॉर्ट सर्किट का मामला मान रही थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, मृतक की नातिन रश्मि ने अपने प्रेमी विपिन के साथ मिलकर दादा की हत्या की साजिश रची थी। हत्या के बाद दोनों ने वारदात को हादसा और आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच के आगे उनकी योजना विफल हो गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि रश्मि का शिकोहाबाद निवासी विपिन के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था और वह उसी से विवाह करना चाहती थी। लेकिन उसके दादा ब्रह्मऋषि इस रिश्ते के खिलाफ थे और उन्होंने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। परिवार ने 6 जुलाई को विवाह की तिथि भी निर्धारित कर दी थी। इस फैसले से नाराज रश्मि ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दादा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार 24 जून की रात विपिन गांव पहुंचा और चारदीवारी वाले प्लॉट में सो रहे ब्रह्मऋषि पर चाकू से लगातार वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने और घटना को दुर्घटना दर्शाने के उद्देश्य से उसने शव के ऊपर चारपाई और गद्दा रखकर आग लगा दी तथा मौके से फरार हो गया।
मामले की दिशा तब बदली जब पुलिस को परिजनों की ओर से एक कथित सुसाइड नोट सौंपा गया। शुरुआत में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आग से मौत की बात सामने आई थी, लेकिन मृतक के गले पर मिले कट के निशानों और सुसाइड नोट की लिखावट ने पुलिस को संदेह में डाल दिया। फोरेंसिक और हस्तलेखन की जांच में सामने आया कि सुसाइड नोट मृतक ने नहीं, बल्कि उनकी नातिन रश्मि ने लिखा था। पूछताछ के दौरान रश्मि ने स्वीकार किया कि उसने दादा के नाम से फर्जी सुसाइड नोट तैयार किया था, जिसमें संपत्ति दोनों बेटों के बीच बराबर बांटने और अपनी मर्जी से नातिन की शादी कराने जैसी बातें लिखी गई थीं, ताकि पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दे। पुलिस की सख्त पूछताछ में पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया।
घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी विपिन को बन्ना रोड स्थित टॉवर के पास से गिरफ्तार किया, जबकि रश्मि को उसके घर के बाहर से हिरासत में लिया गया। दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं। मृतक की पत्नी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक संवाद और सामाजिक मूल्यों के कमजोर पड़ने से रिश्तों में अविश्वास और अपराध किस हद तक बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी साक्ष्यों को अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।


