28 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर |
स्टार्टअप मिशन और डेटा सेंटर नीति को नई रफ्तार |
पशुधन बीमा, नए विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज को भी मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल से जुड़े 28 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का निर्णय लिया गया, जबकि एक मदरसा संबंधी प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित रखा गया। कैबिनेट के फैसलों में होमगार्ड्स के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज सुविधा, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सीधी सरकारी नौकरी, स्टार्टअप नीति, डेटा सेंटर नीति और पशुधन बीमा जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं शामिल रहीं।
होमगार्ड्स को बड़ी राहत, मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने प्रदेश के होमगार्ड जवानों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इस योजना पर राज्य सरकार प्रतिवर्ष करीब 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। साथ ही होमगार्ड्स की वर्दी धुलाई और सिलाई भत्ते की अवधि सात वर्ष से घटाकर पांच वर्ष कर दी गई है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
ओलंपिक और एशियाई पदक विजेताओं को मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर रखते हुए सीधी सरकारी नियुक्ति देने का निर्णय लिया। क्रीड़ा अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी और उप क्रीड़ा अधिकारी सहित कई पदों पर सीधी भर्ती होगी।
जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’
कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार का कहना है कि यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है और केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद अब इस पर अंतिम स्वीकृति दी गई है।
स्टार्टअप मिशन और डेटा सेंटर नीति को मिली नई गति
प्रदेश में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से नई स्टार्टअप नीति तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को मंजूरी दी गई। साथ ही समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को फिर से लागू कर दिया गया है। सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाने का भी निर्णय लिया है।
पशुधन बीमा योजना लागू, किसानों को मिलेगा सुरक्षा कवच
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत गाय, भैंस, बैल, घोड़ा, भेड़, बकरी सहित विभिन्न पशुओं का बीमा कराया जाएगा। बीमा प्रीमियम में केंद्र, राज्य और किसान की हिस्सेदारी तय की गई है, जबकि प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम फैसले
बैठक में कानपुर, फतेहपुर और गाजियाबाद में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई। वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल तथा रायबरेली और कानपुर में कृषि एवं उद्यान विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया।
प्रदेश सरकार के इन फैसलों को आगामी वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। कैबिनेट के निर्णयों का लाभ सीधे लाखों होमगार्ड जवानों, खिलाड़ियों, किसानों, युवाओं और उद्यमियों को मिलने की उम्मीद है।


