लखनऊ। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आईआईएम रोड से किसान पथ तक बन रहे ग्रीन कॉरिडोर का विस्तार नैमिषनगर तक किया जाएगा। घैला पुल से नैमिषनगर के बीच करीब 9.9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण पर 53 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अनुसार, परियोजना को पूरा करने में करीब दो साल लगेंगे। इससे पांच लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में आईआईएम रोड पर बसंतकुंज से किसान पथ तक करीब 28 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। नैमिषनगर को इससे जोड़ने के लिए गोमती के बाएं तट पर नया मार्ग विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही आईआईएम चौराहे से मुबारकपुर चौराहा होते हुए नैमिषनगर तक जाने वाली मौजूदा सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर की जाएगी। यातायात का दबाव अधिक होने के कारण सड़क चौड़ी करने की योजना बनाई गई है।
इस परियोजना से एलडीए की नई नैमिषनगर आवासीय योजना को सीधे ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यहां रहने वाले लोगों के लिए किसान पथ तक पहुंचना आसान होगा। योजना में रहने वाले लोग करीब आधे घंटे में किसान पथ तक पहुंच सकेंगे। ग्रीन कॉरिडोर से बसंतकुंज, दुबग्गा, पक्का पुल, डालीगंज, मेडिकल कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय, कैसरबाग, हजरतगंज, गोमतीनगर और शहीद पथ होते हुए किसान पथ तक आवागमन की सुविधा भी मिलेगी।
करीब छह महीने पहले एलडीए की बोर्ड बैठक में कॉरिडोर के विस्तार का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके बाद शासन की वित्त समिति ने बजट को मंजूरी दी। करीब एक साल पहले समतामूलक चौक से डालीगंज पुल तक ग्रीन कॉरिडोर के लोकार्पण के दौरान रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने नैमिषनगर तक इसके विस्तार की घोषणा की थी। बृहस्पतिवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मौके का निरीक्षण कर निर्माण और विकास कार्यों की समीक्षा की।
सीतापुर रोड पर एलडीए करीब 1804 एकड़ में नैमिषनगर आवासीय योजना विकसित कर रहा है। इसमें 18 गांवों की जमीन शामिल है। योजना के ब्रह्म खंड और भूमि खंड के पहले व दूसरे चरण में 1673 भूखंडों के लिए पंजीकरण चल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन सेक्टरों में पंजीकरण खुला है, वहां सड़क निर्माण और अन्य जरूरी विकास कार्य तेजी से पूरे किए जाएं।
एलडीए के मुताबिक, योजना में सड़क, सीवर, वाटर लाइन और ड्रेनेज से जुड़े काम भी कराए जा रहे हैं। इसके अलावा योजना में शामिल गांवों में भी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि ग्रीन कॉरिडोर के विस्तार और सड़क चौड़ीकरण से नैमिषनगर के साथ आसपास के इलाकों में भी आवागमन सुगम होगा।
लखनऊ में नैमिषनगर तक बढ़ेगा ग्रीन कॉरिडोर, 53 करोड़ रुपये होंगे खर्च


