समान कार्य-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग पर अड़े कर्मचारी, मरीजों को जांच और इलाज के लिए भटकना पड़ा
फर्रुखाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के तत्वावधान में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रही। जनपद भर के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों ने धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने सरकार से समान कार्य के लिए समान वेतन देने और वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं, फिर भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
संघ के जिलाध्यक्ष राजीव अग्निहोत्री ने जनपद के सभी संविदा कर्मचारियों से धरने में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाएं, ताकि उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रखा जा सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों की लड़ाई एकजुट होकर लड़नी होगी। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
संविदा कर्मचारियों की लगातार जारी हड़ताल का असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रक्त जांच, एक्स-रे, टीकाकरण और भर्ती मरीजों से जुड़ी सेवाएं प्रभावित होने के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे प्रभाव के बीच कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वर्षों से संविदा पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए और समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। कर्मचारियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
धरने का संचालन डॉ. रूपेश कुमार ने किया। इस दौरान महामंत्री राखी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष रेनू, जिला कोषाध्यक्ष नरेंद्र चौरसिया, डॉ. पंकज कटियार, डॉ. सुमित सिंह, डॉ. रजत कटियार, डॉ. सुधीर सिंह सहित एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें आरती, नेहा, शबनम, कोमल, ज्योति, रजनी, पल्लवी, चारुणी, संतोषी, एलटी शिवम, दराजबूत, सूरज भानु और कुलदीप समेत लगभग 300 कर्मचारी शामिल रहे।
संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही परेशानियों से मरीजों को राहत मिलने का इंतजार है।
आठवें दिन भी जारी रही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित


