मेरठ। जिले के सरूरपुर थाना क्षेत्र के करनावल कस्बे में 82 वर्षीय बुजुर्ग विजयपाल की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतक के दो पोतों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार करीब 20 बीघा पैतृक जमीन की वसीयत को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद ने इस हत्याकांड को जन्म दिया। आरोप है कि जमीन अपने नाम न होने की आशंका से नाराज पोतों ने पहले अपने दादा को गोली मारी और फिर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निक्की पुत्र शैलेंद्र और सागर पुत्र राजीव के रूप में हुई है, जो मृतक विजयपाल के पोते हैं। वारदात के बाद दोनों आरोपी हरिद्वार चले गए थे, ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। सरूरपुर थाना पुलिस और सर्विलांस टीम पिछले दो दिनों से लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। हरिद्वार से लौटने के दौरान दोनों की लोकेशन ट्रेस होने पर पुलिस ने उन्हें सरूरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, भाला, वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक तथा एक कार भी बरामद करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि मामले में साक्ष्यों को और मजबूत किया जा सके।
जांच में सामने आया है कि गुरुवार को विजयपाल गांव की चौपाल पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पहले गोली मारकर उन्हें घायल किया गया और इसके बाद धारदार हथियार से कई वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विजयपाल अपनी करीब 20 बीघा जमीन की वसीयत अपने अन्य पोतों राहुल और भानु के नाम करना चाहते थे। इसी बात को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद और कहासुनी चल रही थी। घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपियों ने हत्या की साजिश को अंजाम दे दिया।
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच जारी है, ताकि इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े हर तथ्य का खुलासा किया जा सके।


