फर्रुखाबाद। संस्कार भारती द्वारा एक माह से संचालित ग्रीष्मावकाश कला एवं संस्कृति कार्यशाला का समापन समारोह शनिवार को भारतीय पाठशाला इंटर कॉलेज, लोहाई रोड में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी स्वर्गीय रजनी सरीन को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कथक नृत्यांगना एवं फिल्म अभिनेत्री प्रियंका चौहान, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पियानो वादक गौरी मिश्रा, संगीतकार एवं गीतकार पंकज सैनी, अनिल प्रताप सिंह राठौर तथा अनुराग अग्रवाल ने भारत माता एवं नटराज जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इसके उपरांत सभी अतिथियों ने समाजसेवी रजनी सरीन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
संस्कार भारती गीत की प्रस्तुति गौरव मिश्रा ‘बंटी’ ने दी, जबकि सरस्वती वंदना एवं कथा वाचन नेहा श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का परिचय श्रीमती शिल्पी रस्तोगी ने कराया। कार्यशाला संयोजक अनुराग अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अतिथियों का सम्मान किया तथा गौरव मिश्रा ‘बंटी’ ने कार्यक्रम के उद्देश्य और कार्यशाला की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
समापन समारोह में नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने लोकनृत्य ‘मोहे मोर बनायौ राधा’ तथा ‘जरा हलवे-हलवे चलौ’ गीत पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कथक विधा के विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं द्रौपदी नाटक का मंचन कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
मेहंदी, चित्रकला, सिलाई, सौंदर्य कला एवं ढोलक विधा की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। सौंदर्य कला के अंतर्गत ‘देश रंगीला’ गीत पर बच्चों ने विभिन्न प्रांतों की वेशभूषा और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर प्रदर्शन किया। ढोलक विधा में विद्यार्थियों ने किरण त्रिवेदी एवं गुंजन त्रिवेदी से सीखे कौशल का प्रदर्शन किया, जबकि सिलाई एवं चित्रकला विधा के विद्यार्थियों ने एक माह के प्रशिक्षण के दौरान तैयार की गई रचनाओं का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रियंका चौहान ने कहा कि संस्कृति हमारी पहचान, कला हमारी शक्ति और संस्कार हमारी आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने पूरे समर्पण और मेहनत के साथ विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
विशिष्ट अतिथि गौरी मिश्रा ने कहा कि संस्कार भारती की यह कार्यशाला बच्चों के व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक जागरूकता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अतिथि न्यायाधीश पारस यादव ने बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के साथ-साथ ईमानदारी, सच्चाई और सामाजिक मूल्यों का पालन भी आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नैतिक शिक्षा और सही मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।
मुंबई से आए संगीतकार एवं गीतकार पंकज सैनी ने ‘मां मेरी मां’ गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भावनात्मक रंग प्रदान किया। समारोह के दौरान कार्यशाला से जुड़ी सभी प्रशिक्षिकाओं एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया गया।
अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह राठौर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि एक माह तक चली इस कार्यशाला के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों, सहयोगियों और प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन समरेंद्र शुक्ला एवं फाल्गुनी भेरवानी ने किया। अंत में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ समारोह का समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र पाण्डेय, प्रांतीय कोषाध्यक्ष समरेंद्र शुक्ला, सचिव गौरव मिश्रा ‘बंटी’, कार्यशाला संयोजक अनुराग अग्रवाल, रानू मिश्रा, ऋषि दत्त शर्मा, सुबोध शुक्ला, अमन अवस्थी, अनुभव सारस्वत, कुलभूषण श्रीवास्तव, दीपक सक्सेना, मीना रस्तोगी, बीना जलान, डॉ. अंजू पांडेय, आदेश अवस्थी, डॉ. रविंद्र यादव, डॉ. राकेश गंगवार, राजेंद्र दीक्षित, अशोक शुक्ला, नवीन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।


