प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मीरजापुर के डिवीजनल डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में आउटसोर्स व संविदा आधार पर कार्यरत स्टाफ नर्सों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को उनके लंबित प्रतिवेदन पर 12 सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की एकलपीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि प्रतिवेदन पहले से सरकार के समक्ष लंबित है और अभी तक उस पर निर्णय नहीं हुआ है।
प्रियंका कुमारी समेत चार स्टाफ नर्सों ने याचिका दाखिल कर नियमित स्टाफ नर्सों के समान वेतन देने, सेवा नियमित करने के लिए पद सृजित करने तथा नियमित वेतनमान के अनुरूप भुगतान की मांग की थी। याचियों ने आठ मई 2026 को दिए गए प्रतिवेदन पर निर्णय लेने की भी मांग की थी।
याचियों की ओर से अधिवक्ता लवलेश कुमार शुक्ल ने पक्ष रखा। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के 12 सप्ताह के भीतर सभी संबंधित पक्षों को नोटिस और सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार प्रतिवेदन पर फैसला किया जाए। हालांकि, यह निर्णय किसी अन्य कानूनी बाधा के अधीन रहेगा।


