इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी (International gold smuggling) के बड़े नेटवर्क का केंद्र बनकर सामने आया है। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अबूधाबी (Abu Dhabi) से इंदौर (Indore) पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट से एक यात्री के पास से एक किलो से अधिक सोना पकड़ने के बाद जो जांच शुरू की, उसने महज 48 घंटे में पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। जांच में एयरलाइन का एक कर्मचारी, एक ड्राइवर और शहर का एक सराफा कारोबारी इस नेटवर्क की अहम कड़ी के रूप में सामने आए हैं। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक DRI ने अबू धाबी से आने वाली फ्लाइट में एक संदिग्ध यात्री पर नजर रखी हुई थी। जांच के दौरान उसके पास से एक किलो से अधिक सोना बरामद हुआ। शुरुआत में मामला सिर्फ एक यात्री तक सीमित लग रहा था, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद अधिकारियों ने तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ लीं।
जांच में सामने आया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी यात्रियों से सोने का पैकेट लेकर उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालता था। इसके बाद वह पैकेट एक ड्राइवर को सौंप देता, जो उसे शहर के सराफा कारोबारी तक पहुंचाता था। इसी तरीके से कथित तौर पर लंबे समय से सोने की तस्करी का यह नेटवर्क संचालित हो रहा था।
पूछताछ के बाद DRI ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें सोना लेकर आने वाला यात्री, एयरलाइन कर्मचारी, कार चालक और शहर का एक सराफा कारोबारी शामिल हैं। जांच एजेंसियां इन सभी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अब तक कितनी बार इस तरीके से सोना इंदौर लाया गया और इसका असली मास्टरमाइंड कौन है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इस गिरोह के तार पहले पकड़े गए सोना तस्करी के मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से DRI अब आरोपियों के पुराने यात्रा रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी नेटवर्क से जुड़े अन्य यात्री भी पहले कई बार सोना लेकर इंदौर पहुंचे होंगे।
ऐसे यात्रियों के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रा रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच का फोकस अब उस कारोबारी पर भी है, जिसके पास कथित तौर पर तस्करी का सोना पहुंचाया जाता था। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि सोने को कहां खपाया जाता था, उसका भुगतान किस माध्यम से होता था और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारी कौन हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक किलो सोने की बरामदगी तक सीमित नहीं है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं। इंदौर एयरपोर्ट के जरिए संचालित इस कथित नेटवर्क ने सुरक्षा व्यवस्था और एयरलाइन संचालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


