लखनऊ स्थित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले में 15 दोषियों को सजा सुनाई है।
अदालत ने सभी 15 दोषियों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 28-28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, दोषियों में बांग्लादेशी नागरिक और रोहिंग्या समुदाय से जुड़े लोग शामिल हैं, जिन्होंने अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सभी आरोपी बांग्लादेश से भारत आने के बाद पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में छिपकर रह रहे थे। बाद में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया था।
मामले की सुनवाई के बाद एनआईए की विशेष अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर सभी 15 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत के आदेश के बाद संबंधित एजेंसियां आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।


