जलमग्न मार्गों पर सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क, ग्रामीणों से सावधानी की अपील
अमृतपुर
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अमृतपुर तहसील क्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रविवार सुबह गंगा का जलस्तर बढ़कर 137.05 मीटर पहुंच गया। वहीं बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण तटीय क्षेत्रों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पानी पहुंचने लगा है। फखरपुर, फखरपुर जालिम, किराचन, करनपुर घाट और मंझा जाने वाले मार्गों पर करीब तीन से चार फीट तक पानी बह रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।सुबह के आंकड़ों के अनुसार नरौरा बांध से गंगा में 1,28,716 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 88,907 क्यूसेक तथा हरिद्वार बैराज से 85,473 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा नदी में भी 4,020 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर 135.95 मीटर दर्ज किया गया है। लगातार पानी छोड़े जाने के मद्देनजर प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने तथा स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।बाढ़ प्रभावित संपर्क मार्गों पर पानी बढ़ने के कारण आवागमन में परेशानी जरूर बढ़ी है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों से अनावश्यक आवागमन न करें तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन को सुरक्षित रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करना है। अधिकारियों द्वारा जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी परेशानी की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।


