शमशाबाद, फर्रुखाबाद। ढाईघाट-शमशाबाद क्षेत्र में गंगा का कटान लगातार विकराल रूप लेता जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गंगा कटरी इलाके में कटान तेज होने से सवा दर्जन से अधिक मकान गंगा की धारा में समा गए हैं। लगातार हो रहे नुकसान से ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी और दहशत साफ नजर आ रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
गंगा कटरी क्षेत्र के ग्राम तौफीक में कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार से शनिवार के बीच नन्हेंलाल, सतीश, मुनेश्वर, प्रताप सिंह, रामचंद्र, राहुल और रामवीर के मकान कटान की चपेट में आकर गंगा में समा गए। इनमें राहुल और रामवीर के मकान सरकारी आवास योजना के तहत बनाए गए थे।
लेखपाल अजीत मिश्रा के अनुसार गांव में अब तक करीब 15 पक्के मकान और तीन झोपड़ियां कटान से प्रभावित हो चुकी हैं। सुधा पत्नी महाराम सिंह, चोखेलाल और नंदकिशोर की झोपड़ियां भी कटान की जद में आ गई हैं। मकानों के नदी में समाने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।
ग्राम पंचायत समेंचीपुर चितार में भी गंगा का कटान तेजी से बढ़ रहा है। यहां अलाउद्दीन, हुसैन मोहम्मद और शाहनवाज के पक्के मकान खतरे की जद में बताए जा रहे हैं। वहीं मकरुद्दीन की झोपड़ी भी नदी के बिल्कुल किनारे पहुंच चुकी है, जिससे किसी भी समय नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सिजवान ने बताया कि कटान की स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे खतरे वाले स्थानों से सुरक्षित जगहों पर चले जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कटान की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमें नाव और स्टीमर के माध्यम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं। कानूनगो और लेखपाल प्रभावित क्षेत्रों में गिरे मकानों तथा नुकसान उठाने वाले परिवारों का ब्योरा तैयार कर रहे हैं। तैयार रिपोर्ट के आधार पर शासन को जानकारी भेजी जाएगी।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता, आवास और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। राहत टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आवास, भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कटान प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। प्रभावित परिवारों की सूची तैयार होने के बाद नियमानुसार राहत सामग्री एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लगातार बढ़ते कटान को देखते हुए प्रशासनिक टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गंगा का कटान हुआ विकराल, सवा दर्जन मकान नदी में समाए, ग्रामीणों में दहशत


