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Friday, August 28, 2026

गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का कारण, पांचाल घाट की सात सीढ़ियां जलमग्न

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फर्रुखाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब गंगा के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर के चलते पांचाल घाट की सात सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं, जबकि गंगा की तेज धारा किनारों पर कटान भी कर रही है।

सिंचाई विभाग के अनुसार गंगा का जलस्तर बढ़कर करीब 136 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। बीते 48 घंटों में जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने का प्रमुख कारण नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। शनिवार को नरौरा से 67,201 क्यूसेक, बिजनौर से 59,688 क्यूसेक और हरिद्वार से 53,403 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसका असर अब फर्रुखाबाद में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

बढ़ते जलस्तर के कारण पांचाल घाट पर स्नान घाटों की कई सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। घाट पर रहने वाले गंगा सेवकों और पंडों ने पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए अपनी झोपड़ियां, तख्त और अन्य सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। पंडों का कहना है कि पानी उनके तख्तों तक पहुंच गया था, जिसके बाद उन्होंने समय रहते अपना सामान ऊंचे स्थान पर रख लिया।

गंगा की तेज होती धारा से तटवर्ती खेतों में कटान भी तेज हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर भी खतरा बढ़ सकता है।

उधर, रामगंगा नदी में भी शनिवार शाम 10,375 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि फिलहाल रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जलस्तर में वृद्धि की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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