दिल्ली/हरियाणा: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नकली घी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली (Delhi) और हरियाणा (Haryana) में व्यापक छापेमारी की है। FSSAI के नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस (NRO) के निदेशक देवेश कुमार महला, IPS के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में 6,500 लीटर से अधिक संदिग्ध मिलावटी घी और बड़ी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया गया।
जांच की शुरुआत तब हुई जब FSSAI ने कुछ ऑनलाइन और प्रिंट विज्ञापनों में बिना वैध FSSAI लाइसेंस नंबर तथा आवश्यक लेबलिंग जानकारी के प्रीमियम गाय का घी और अन्य घी उत्पादों का प्रचार होते देखा। इसके बाद अधिकारियों ने ग्राहक बनकर विक्रेताओं से संपर्क किया और उत्पादों के नमूने एकत्र किए।
FSSAI द्वारा मान्यता प्राप्त NABL लैब में हुई जांच में यह सामने आया कि नमूने निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। परीक्षण में वनस्पति तेल और अन्य गैर-दुग्ध पदार्थों की मिलावट की पुष्टि हुई। 17 जून 2026 को की गई कार्रवाई के दौरान दिल्ली के द्वारका स्थित धूलसिरस गांव में एक संदिग्ध इकाई पर छापा मारा गया। यहां से लगभग 1,020 लीटर अज्ञात तेल और करीब 1,500 लीटर संदिग्ध मिलावटी घी बरामद किया गया।
वहीं हरियाणा के सोनीपत स्थित M/S बाला जी फूड प्रोडक्ट्स में छापेमारी के दौरान बाजार में बिक्री के लिए तैयार 4,000 लीटर से अधिक संदिग्ध मिलावटी घी जब्त किया गया। सभी उत्पादों को नियामकीय हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में स्थानीय पुलिस की सहायता से FIR दर्ज की गई है और कानूनी कार्रवाई जारी है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि Food Safety and Standards Act, 2006 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
FSSAI ने लोगों से घी और अन्य खाद्य उत्पाद खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर, लेबलिंग, निर्माता की जानकारी और पैकेजिंग की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की है। साथ ही, असामान्य रूप से कम कीमत वाले उत्पादों से सतर्क रहने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध खाद्य उत्पाद की शिकायत Food Safety Connect ऐप, FoSCoS पोर्टल या नजदीकी FSSAI कार्यालय में की जा सकती है।


