किसी दल के साथ नहीं, जनता के साथ चलूंगी : दिव्या मित्तल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार को राजनीति में आने का ऐलान कर दिया। करीब 13 साल प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद अगस्त में इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू होगी। उन्होंने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा कि वह जनता के साथ मिलकर राजनीति करेंगी।
दिव्या मित्तल ने कहा कि वह राजनीति में उन लोगों की आवाज उठाना चाहती हैं, जिनकी शिकायतें सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सड़क, पुल, स्कूल, सरकारी जमीन, प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति में पैसा या बाहुबल नहीं, बल्कि लोगों का साथ चाहिए।
अपने प्रशासनिक अनुभव का जिक्र करते हुए दिव्या ने मिर्जापुर के एक गांव का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि एक महिला ने गांव में आगे की कक्षाओं के लिए स्कूल की मांग की थी। उनके अनुसार स्कूल की मंजूरी के बावजूद वर्षों बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पैसा और नियम मौजूद थे तो काम क्यों नहीं हुआ। उनके मुताबिक समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि काम कराने की इच्छाशक्ति की थी।
दिव्या मित्तल ने सरकारी जमीन से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक भूमिहीन व्यक्ति को पट्टा मिलने के बावजूद जमीन पर कब्जा नहीं मिला। जांच में रिपोर्ट गलत मिलने के बाद कार्रवाई हुई, लेकिन कब्जा दिलाने में फिर अड़चन आई। दिव्या ने कहा कि ऐसे मामलों में आम लोगों को सिफारिश और फोन के बजाय सीधे न्याय मिलना चाहिए।
उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी बात की। कहा कि बच्चे वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने या भर्ती प्रक्रिया में विवाद के कारण उनका भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच रोजगार को लेकर युवाओं की चिंता का भी जिक्र किया और कहा कि इन विषयों पर गंभीर चर्चा की जरूरत है।
दिव्या मित्तल ने साफ कहा कि वह किसी पार्टी के झंडे के नीचे राजनीति शुरू नहीं करेंगी। उन्होंने जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने से भी दूरी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी रहते हुए उन्होंने फैसले लेते समय किसी की जाति-धर्म नहीं पूछा और राजनीति में भी ऐसा नहीं करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि राजनीतिक यात्रा की शुरुआत यहीं से करेंगी।
मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की अटकलों पर दिव्या मित्तल ने अभी कोई फैसला नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में निर्णय बाद में लेंगी और अपने राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी जल्द देंगी। हालांकि, उनकी प्रशासनिक पृष्ठभूमि और मिर्जापुर से जुड़ाव के कारण राजनीतिक हलकों में उनके संभावित चुनावी क्षेत्र को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम बेंगलुरु से प्रबंधन की पढ़ाई की। प्रशासनिक सेवा से पहले उन्होंने लंदन में नौकरी की थी। मिर्जापुर की जिलाधिकारी के रूप में दूरस्थ पहाड़ी गांवों में पानी पहुंचाने की पहल को लेकर वह चर्चा में रही थीं। 30 अगस्त 2026 को उन्होंने आईएएस सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे सितंबर में स्वीकार किया गया।


