संभल। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मंगलवार को मायावती के साथ काम करने की इच्छा जताई। संभल में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि समाज चाहता है कि मायावती और उनकी पार्टी साथ आएं। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी तरफ से कई प्रयास किए, लेकिन कोशिशें नाकाम रहीं। ताली एक हाथ से नहीं बजती।”
चंद्रशेखर ने कहा कि वह मायावती का सम्मान करते हैं और बहुजन समाज के हित में साथ काम करना चाहते हैं। हालांकि, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने किसी गठबंधन की घोषणा नहीं की और कहा कि भविष्य का फैसला परिस्थितियों के अनुसार होगा।
ईवीएम को लेकर चंद्रशेखर ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने आगामी विधान परिषद चुनाव को विपक्ष की तैयारियों की परीक्षा बताया। साथ ही बेरोजगारी, प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरा।
2027 की तैयारियों पर चंद्रशेखर ने बताया कि उनकी पार्टी ने 87 विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी घोषित किए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक और सूची जारी की जाएगी और संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
चंदौसी में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर समान शिक्षा व्यवस्था, नियमित पुलिस भर्ती और पुलिसकर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी व साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था की जाएगी।
मंदिर-मस्जिद विवाद पर चंद्रशेखर ने कहा कि ऐसे मुद्दों से सामाजिक भाईचारा प्रभावित होता है। उन्होंने सभी धर्मों के सम्मान और संविधान के तहत लोगों के अधिकारों की रक्षा की बात कही।


