प्रयागराज। टीजीटी-पीजीटी भर्ती की पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा प्रारूप को बहाल करने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे करीब डेढ़ सौ अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड लगाने का प्रयास किया तो अभ्यर्थियों ने उसे हटाकर सड़क पर रख दिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
गेट खोलने और बंद करने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की, कॉलर पकड़ा और धक्का-मुक्की की। पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात किया गया। मंगलवार को दिनभर शिक्षा निदेशालय परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इससे पहले भी आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थी आपत्ति जता चुके हैं।
इसी दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने के लिए निदेशालय के भीतर जाने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर रोक दिया। इस दौरान सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच कहासुनी हुई। बाद में सांसद अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और कहा कि वह उनकी मांगों के समर्थन में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से संयम बनाए रखने की अपील भी की।
अभ्यर्थियों का आंदोलन 31 अगस्त से चल रहा है। प्रदर्शनकारी पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा प्रारूप के आधार पर भर्ती कराने, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती का विज्ञापन जारी करने तथा नई व्यवस्था से प्रभावित अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर देने की मांग कर रहे हैं। पांच सितंबर से कुछ अभ्यर्थी आमरण अनशन पर भी बैठे हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार शिक्षा निदेशालय में चार अभ्यर्थियों का आमरण अनशन जारी है।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मामले का संज्ञान लेते हुए माध्यमिक शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों के लिए एक बार राहत देने अथवा ऐसी व्यवस्था बनाने की बात कही, जिससे प्रभावित अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
टीजीटी-पीजीटी भर्ती नियमों में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध पिछले कई सप्ताह से जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नई अर्हताओं और परीक्षा व्यवस्था से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होंगे। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है। फिलहाल शिक्षा निदेशालय के बाहर तनावपूर्ण स्थिति के बीच पुलिस बल तैनात है और अभ्यर्थी अपनी मांगों पर लिखित निर्णय की मांग पर अड़े हुए हैं।


