फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से लिया गया ऋण निजी कार्यों में खर्च करने का मामला सामने आया है। बैंक अधिकारियों के सत्यापन में परियोजना स्थापित न होने की बात सामने आने के बाद दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मामला फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र का है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की कुटरा शाखा के प्रबंधक ने न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिविल लाइन नई बस्ती निवासी शिवम यादव और फर्म संचालक सुशील कुमार को मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार शिवम यादव ने आयरन ग्रिल मेकिंग परियोजना स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक की ओर से परियोजना के लिए फर्म के खाते में करीब आठ लाख रुपये की धनराशि भेजी गई थी।
आरोप है कि ऋण मिलने के बाद निर्धारित परियोजना स्थापित नहीं की गई और धनराशि निजी कार्यों में खर्च कर दी गई। बैंक अधिकारियों ने सत्यापन किया तो परियोजना मौके पर नहीं मिली। इसके बाद बैंक की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर धनराशि और खर्च से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया।
बताया गया कि नोटिस के बावजूद न तो आवश्यक बिल-वाउचर उपलब्ध कराए गए और न ही बैंक की धनराशि वापस जमा की गई। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान ऋण की धनराशि के इस्तेमाल और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
युवा स्वरोजगार योजना का ऋण निजी काम में खर्च करने का आरोप, दो पर प्राथमिकी


