आरपीएफ ने शुरू की जांच; बिजली विभाग के अफसरों पर शिकंजा
फर्रुखाबाद
रेलवे लाइन के नीचे बिना अनुमति 33 केवी बिजली केबल डालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने इस गंभीर प्रकरण की जांच तेज करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। मामले में शामिल अधिकारियों और ठेकेदारों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
यह मामला फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच हिंदुस्तान होटल के पीछे का है, जहां हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग (एचडीडी) मशीन के जरिए रेलवे पटरी के नीचे से 33 केवी बिजली की केबल डाली गई थी। रेलवे अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलने के बाद हड़कंप मच गया।
रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में यह भी देखा गया कि ड्रिलिंग के कारण रेलवे ट्रैक की संरचना या सुरक्षा पर कोई असर तो नहीं पड़ा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि बिना अनुमति इस तरह का कार्य रेलवे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता था।
मामले में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेल पथ) जहीर अहमद खान की तहरीर पर आरपीएफ थाने में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कर्मचारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब आरपीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि किस अधिकारी के निर्देश पर यह काम कराया गया और अनुमति लिए बिना रेलवे क्षेत्र में खुदाई कैसे की गई।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि कार्य के दौरान रेलवे प्रशासन से कोई स्वीकृति ली गई थी या नहीं। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद रेलवे और बिजली विभाग के बीच समन्वय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मामला पकड़ में न आता, तो भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता था।


