फर्रुखाबाद
भीषण गर्मी के बीच राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल व्यवस्थाओं ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर तक ओपीडी में जुकाम, बुखार, खांसी और दस्त से पीड़ित करीब 100 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने मरीजों और तीमारदारों को परेशान कर दिया।
महिला प्रसूता वार्ड में मरीजों के लिए कूलर की कोई व्यवस्था नहीं मिली। कई वार्डों में पंखे खराब पड़े होने के कारण मरीज उमस और तेज गर्मी में तड़पते नजर आए। हालत यह रही कि बेड पर चादर तक उपलब्ध नहीं थीं और वार्डों में फैली गंदगी से मरीजों में भारी नाराजगी दिखाई दी।
अस्पताल में भर्ती सीमा, अंजलि, रूबी, सीता, जमीला और आरती समेत कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि रात में बिजली कटौती होने से हालात और बदतर हो जाते हैं। उनका कहना था कि अस्पताल प्रशासन की ओर से गर्मी से राहत दिलाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
तीमारदारों ने बताया कि मरीजों को हाथ से पंखा झलकर रात काटनी पड़ रही है। छोटे बच्चों और प्रसूताओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। गर्मी और उमस के कारण मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा बना हुआ है।
मामले पर राजेपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. परमित राजपूत ने कहा कि जल्द ही मरीजों के लिए कूलर की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही खराब पड़े पंखों को भी शीघ्र ठीक कराने का आश्वासन दिया गया है। बावजूद इसके, भीषण गर्मी में अस्पताल की लचर व्यवस्थाओं ने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल दी है।


