अहमदाबाद। वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा को बरकरार रखा। साथ ही 11 दोषियों की उम्रकैद की सजा भी यथावत रखी गई। हाई कोर्ट ने अहमदाबाद सिटी सेशंस कोर्ट के 18 फरवरी 2022 के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की कन्फर्मेशन याचिका और दोषियों की अपीलों को खारिज कर दिया।
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में 20 स्थानों पर हुए 21 सिलसिलेवार बम धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में कुल 78 आरोपियों पर मुकदमा चला। सेशंस कोर्ट ने 49 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 38 को फांसी और 11 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि 29 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
करीब 13 वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान अदालत में लगभग छह हजार दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए और 1163 गवाहों के बयान दर्ज हुए। लगभग 7.88 लाख पन्नों की केस फाइल और सात हजार पन्नों के फैसले के आधार पर सुनाए गए सेशंस कोर्ट के निर्णय को अब गुजरात हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखते हुए देश के सबसे चर्चित आतंकी मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है।


