चीफ इंजीनियर को प्रतिकूल प्रविष्टि
लखनऊ। प्रदेश में बिजली आपूर्ति और जले हुए ट्रांसफार्मरों के समय पर प्रतिस्थापन में लापरवाही पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को समीक्षा बैठक के दौरान देवरिया और गाजीपुर में कई दिनों तक फुंके ट्रांसफार्मर न बदले जाने के मामलों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
देवरिया के लार क्षेत्र में 10 दिन तक ट्रांसफार्मर न बदले जाने पर मुख्य अभियंता (द्वितीय), गोरखपुर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। वहीं गाजीपुर के गहमर क्षेत्र में 12 दिन तक ट्रांसफार्मर न बदलने और समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, जबकि संबंधित अधीक्षण अभियंता (एसई) को कड़ी चेतावनी जारी की गई।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को शिकायतों के त्वरित निस्तारण और लापरवाह अधिकारियों को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने सभी अधिकारियों को कांवड़ मार्गों पर विद्युत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 7.21 लाख से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रतिदिन करीब 3,200 नए सोलर इंस्टॉलेशन के साथ प्रदेश इस क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मंत्री ने कहा कि योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को नई गति मिली है।


