लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गोरखपुर की शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने गृह जनपद में विकास के बजाय गोरखधंधा चला रहे हैं। बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में गोरखपुर जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने गोरखपुर की स्थिति पर आधारित एक पुस्तिका भी जारी की।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल में गोरखपुर में लगभग 500 प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए, जिससे गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के बंद होने से शिक्षकों समेत करीब 1500 लोगों का रोजगार भी छिन गया। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिले में 77 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थे, जिनकी संख्या घटकर अब केवल 9 रह गई है। वहीं निजी अस्पतालों की संख्या लगातार बढ़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में दलितों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न के मामलों में गोरखपुर प्रदेश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अखिलेश यादव ने गोरखपुर लिंक फोरलेन सड़क परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के उद्घाटन के कुछ समय बाद ही उसमें गड्ढे दिखाई देने लगे। उन्होंने कहा कि जिले में गरीबों की जमीनें छीनी गईं और तालाबों पर कब्जे किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर विकास के नाम पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने कहा कि गोरखपुर में जल्द ही समाजवादी पार्टी का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथि प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के नेताओं से चर्चा के बाद घोषित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बैठक में शामिल सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने तथा भाजपा को कड़ी चुनौती देने का संकल्प लिया है।


