चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को तमिलनाडु पुलिस ने DMK विधायक (DMK MLA) जी. आर. मार्कंडेयन को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (CM C. Joseph Vijay) के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और धमकी भरी टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल विधायक से तूतीकोरिन (Thoothukudi) SP कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद DMK समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
पूरा मामला 18 जुलाई को आयोजित एक जनसभा में दिए गए भाषण से जुड़ा है। इस दौरान जी. आर. मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की उस टिप्पणी का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर “पिता की तलाश” का जिक्र किया था। इस बयान को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हार के बाद DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पर निशाना माना गया था।
अपने संबोधन में मार्कंडेयन ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह “पिता की तलाश” कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि विधानसभा के दरवाजे बंद किए गए तो “हड्डियां तोड़ दी जाएंगी।” इसी बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
मार्कंडेयन के बयान के बाद तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए विधायक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनके बयान और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में तिरुचेंदूर से DMK विधायक अनीता राधाकृष्णन को भी मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी। तमिलनाडु में लगातार नेताओं की बयानबाजी और उस पर हो रही पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है। अब इस मामले की अगली कानूनी और राजनीतिक दिशा पर सभी की नजरें टिकी हैं।


