– जेसीबी,डम्पर जब्त,माफियातंत्र में हड़कंप
– डीएम का पहले ही दिन बड़ा एक्शन
– जीरो टोलरेंस का धरातल पर दिखा झटका
फर्रुखाबाद। नई जिलाधिकारी के आते ही जनपद में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने आखिरकार सख्त तेवर दिखा दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के सख्त सीधे निर्देशों पर खनन विभाग ने ऐसा शिकंजा कसा कि खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के भागुनापुर–आतनपुर चौकी नीमकरोरी इलाके में की गई औचक छापेमारी में मौके पर ही दो जेसीबी मशीन और तीन डम्पर मिट्टी से लदे हुए पकड़े गए।
छापेमारी के दौरान जब वाहनों की जांच की गई तो एक भी वैध खनन परमिट या परिवहन प्रपत्र नहीं मिला, जिससे साफ हो गया कि यह पूरा खेल अवैध तरीके से चल रहा था। खनन अधिकारी ने बिना देरी किए पुलिस बल की मदद से सभी मशीनों और वाहनों को कब्जे में लेकर चौकी नीमकरोरी में खड़ा करा दिया और बाद में कोतवाली मोहम्मदाबाद की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद की गई है, जहां रात के अंधेरे में मिट्टी और खनिज का अवैध दोहन लगातार जारी था। स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें उठीं, लेकिन इस बार प्रशासन ने सीधे एक्शन मोड में जाकर माफिया की कमर तोड़ दी।
डीएम मैडम लाठर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध खनन और परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लगातार प्रवर्तन अभियान चलाकर इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए।
जानकारों के मुताबिक, एक जेसीबी और डम्पर के जरिए रोजाना हजारों रुपये का अवैध खनन किया जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है। ऐसे में यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासनिक सख्ती का संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब “जीरो टॉलरेंस” पहले की तरह नीति सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि धरातल पर रोज दिखेगी ।
फिलहाल, जब्त वाहनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और संबंधित लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जिले में अवैध खनन के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों का संकेत दे रही है,अब देखना यह होगा कि इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से चेहरे सामने आते हैं।
गंगा पार में खनन के लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी धड़ल्ले से हो रहा है बालू खनन
अमृतपुर। पूर्व में हुई कई घटनाओं और मौतों के बाद गंगा पार के अमृतपुर राजेपुर क्षेत्र में शासन तक बात पहुंचाने के बाद जिला प्रशासन को मजबूरी में खनन के लाइसेंस निरस्त करने पड़े थे क्योंकि एक चर्चित सफेद पोस्ट के संरक्षण में यहां शाम का धुँधलका होते ही अंधाधुंध डंपर तेज गति से दौड़ने लगते थे जिनके कारण कई मौतें भी हुईं थी, और बवाल भी मचे थे शासन की प्रतिष्ठा पर धब्बे लगे थे, जिला प्रशासन द्वारा लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद भी आज तक बालू के ढेर शासन की सख्ती को मुँह चिंगा रहे हैं।
जिला प्रशासन से अवैध खनन माफिया के तार जुड़े होने के कारण कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी लेकिन बुधवार को नई डीएम के तीखे तेवर के बाद शुरू हुई कार्रवाई से आम जनमानस में अब विश्वास पैदा हुआ है कि जनपद में अवैध खनन का माफिया राज खत्म होगा।


