मोहम्मदाबाद।
फर्रुखाबाद में भीम आर्मी की समीक्षा बैठक के बाद संगठन में पद और कार्यकारिणी को लेकर विवाद सामने आया है। संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश बाल्मीकि पर मनमाने तरीके से निर्णय लेने और संगठन को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पदाधिकारियों के अनुसार, भीम आर्मी के संस्थापक एवं नगीना सांसद चन्द्र शेखर आजाद के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। फर्रुखाबाद में जिलाध्यक्ष जयद्रथ कुमार के नेतृत्व में संगठन की गतिविधियां लगातार बढ़ रही थीं। इसी बीच 9 अगस्त 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश बाल्मीकि ने जयद्रथ कुमार को मंडल सचिव बनाए जाने की घोषणा कर दी।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि इसे पदोन्नति बताया गया, जबकि जिलाध्यक्ष के पद की तुलना में मंडल सचिव की जिम्मेदारी को लेकर कार्यकर्ताओं में असमंजस है। इस घोषणा के बाद जिला कमेटी के कई पदाधिकारियों में नाराजगी फैल गई और पूरी जिला कमेटी के इस्तीफा देने की स्थिति बन गई।
फर्रुखाबाद भीम आर्मी के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ. रामदास सागर ने प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश बाल्मीकि पर संगठनात्मक स्तर पर मनमाने निर्णय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश उपाध्यक्ष के कुछ राजनीतिक लोगों से संबंधों के कारण संगठन प्रभावित हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।
पदाधिकारियों ने मामले को संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही है। उनका कहना है कि भीम आर्मी के संस्थापक नगीना सांसद चन्द्र शेखर आजाद और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह के समक्ष पूरे प्रकरण को रखा जाएगा, ताकि संगठन में उत्पन्न विवाद का समाधान हो सके।


