बिजनौर: बिजनौर (Bijnor) जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के बनखला गांव में मस्जिद (Mosque) परिसर में शुक्रवार को करीब तीन फीट तक खुदाई कराई गई। इस दौरान जमीन के नीचे सीमेंट का मोटा स्लैब मिला। कुछ शिकायतकर्ताओं का दावा है कि स्लैब के नीचे पुराना कुआं हो सकता है, जबकि मस्जिद कमेटी का कहना है कि इतनी खुदाई के बाद भी कुआं नहीं मिला है।
मामले की शुरुआत 8 सितंबर को हुई थी। गांव में मस्जिद के नीचे पुराने कुएं के होने का दावा करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की थी। 18 सितंबर को भी ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया था कि कुआं दशकों पुराना है और वर्ष 1966 के राजस्व रिकॉर्ड में उसका उल्लेख है। उनका आरोप था कि वर्ष 2014 में मस्जिद निर्माण के दौरान कुएं को परिसर में शामिल कर लिया गया।
मामले के बीच एसडीएम नगीना प्रिंस कुमार और सीओ राजेश सोलंकी ने 22 सितंबर को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने मौके पर खुदाई कराकर स्थिति की जांच किए जाने की संभावना भी जताई थी। इसी दौरान हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा और जिला अध्यक्ष दीक्षित त्यागी की ओर से मस्जिद के अंदर हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान किया गया था। प्रशासन की ओर से जांच का आश्वासन मिलने के बाद यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था और एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया था।
23 सितंबर की रात मस्जिद कमेटी ने विवादित स्थान पर बने शौचालय और स्नानागार को खुद हटाना शुरू किया। कुएं को मस्जिद परिसर से बाहर करने के लिए दीवार भी तोड़ी गई। इससे पहले प्रशासनिक स्तर पर भी इस स्थान की जांच और खुदाई की संभावना सामने आई थी। इसके बाद शुक्रवार को पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में हटाए गए शौचालय और बाथरूम के नीचे खुदाई कराई गई। करीब तीन फीट नीचे सीमेंट का मोटा स्लैब मिलने के बाद कुएं को लेकर लगाए जा रहे दावे फिर चर्चा में आ गए।
शिकायतकर्ता अशोक त्यागी ने कहा कि जिस स्थान पर स्लैब मिला है, वहीं से और गहराई तक खुदाई कराई जानी चाहिए। उनका दावा है कि स्लैब के नीचे प्राचीन कुआं मिल सकता है। दूसरी ओर मस्जिद कमेटी से जुड़े फहीम अहमद ने बताया कि करीब तीन फीट खुदाई के बावजूद कुआं नहीं मिला है। उपलब्ध रिपोर्ट में भी कुएं की मौजूदगी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग बताए गए हैं। एसडीएम नगीना प्रिंस कुमार के अनुसार, कुएं को लेकर की गई शिकायत के बाद दूसरे पक्ष ने निर्माण खुद हटाया है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों में सहमति बन गई है और प्रशासन की ओर से अब किसी रिपोर्ट की जरूरत नहीं रह गई है।


