लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास परियोजनाओं में देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सभी कार्य तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति ही पर्याप्त नहीं है, उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, निविदा और विभागीय समन्वय से जुड़े लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने को कहा। जिन परियोजनाओं की गति धीमी है, उनकी नियमित समीक्षा के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि उपलब्ध हो चुकी है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की निविदा प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
योगी ने कहा कि एक्सप्रेसवे केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाले महत्वपूर्ण मार्ग हैं। उन्होंने प्रस्तावित अन्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
विद्युत व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अत्यधिक लाइन हानि वाले क्षेत्रों में कारणों की पहचान कर बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। डिजिटल पुस्तकालयों से जुड़े सभी कार्य 30 सितंबर तक पूरे करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की भी समीक्षा की। उन्होंने अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र का प्रभावी डिजिटल अभिलेख तैयार करने और समय से नवीनीकरण सुनिश्चित कराने को कहा। निर्माणाधीन गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।


