नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरे देश की आस्था इस विषय से जुड़ी है, इसलिए मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि “देश राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम से आहत है। सरकार और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?” उन्होंने सवाल उठाया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया तथा मामले में केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई ही क्यों की जा रही है।
कांग्रेस सांसद ने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और एफआईआर में नामजद सभी लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
हुड्डा ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित शंकराचार्यों और संत समाज को सौंपी जानी चाहिए तथा ट्रस्ट के संचालन से राजनीतिक लोगों को दूर रखा जाए, ताकि मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह धार्मिक और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित हो सके।
उन्होंने बद्रीनाथ धाम से जुड़े मामलों का भी उल्लेख करते हुए वहां भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कांग्रेस किसी धर्म विशेष की नहीं, बल्कि हर धर्म और हर आस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी और आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कराने की मांग जारी रखेगी।


