औरैया। साइबर ठगी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है, जहां महिलाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर थाना टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह प्रधानमंत्री महिला रोजगार योजना का झांसा देकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था और उनके नाम पर लोन पास कराकर रकम और सामान हड़प लेता था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम पडरिया ऊंचा निवासी वंदना ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि एक महिला और एक पुरुष ने उसे प्रधानमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सिलाई सेंटर खोलने और नौकरी दिलाने का लालच दिया। आरोपितों ने भरोसा जीतकर उसके दस्तावेज लिए और फिर उसके नाम पर लोन स्वीकृत कराकर रकम का दुरुपयोग किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह करीब 9:20 बजे ककोर बंबा के पास एक बंद पड़े ढाबे के नजदीक से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह अब तक 10 से 12 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपित महिलाओं को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाते थे, फिर उनके नाम पर बैंक से लोन पास कराकर मशीनें व अन्य सामान दिलाने के नाम पर खुद ही हड़प लेते थे। इस तरह कई महिलाओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर अगर कोई व्यक्ति निजी रूप से लाभ दिलाने का दावा करे तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग या पुलिस को जरूर दें।
इस कार्रवाई से जहां एक ओर ठगी के शिकार लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी गया है कि साइबर अपराध और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


