लखनऊ। लखनऊ में दशहरे से पहले एक बार फिर होर्डिंग के जरिए सियासी संदेश देने की कोशिश की गई है। रविवार सुबह हजरतगंज, गोमतीनगर, विधायक निवास और कपूरथला समेत शहर के कई इलाकों में होर्डिंग लगाई गईं। इनमें रावण के 10 सिरों की जगह अखिलेश यादव, राहुल गांधी, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद समेत कई नेताओं और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें दिखाई गई हैं।
होर्डिंग पर सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में लिखा है- ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’। इसके नीचे निवेदक के रूप में सनातन रक्षा संगठन का नाम दिया गया है। दशहरे से पहले लगाई गई इन होर्डिंग में रावण के दस सिरों को अलग-अलग व्यक्तियों की तस्वीरों के रूप में दिखाया गया है। शहर के पॉश और वीआईपी इलाकों में लगी इन होर्डिंग को देखने के लिए राहगीर भी रुकते नजर आए।
होर्डिंग में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद और आजम खान की तस्वीरें लगाई गई हैं। इनके अलावा अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क, बांग्लादेश की राजनीति से जुड़े मोहम्मद यूनुस, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर और कारोबारी जॉर्ज सोरोस की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं।
सनातन रक्षा संगठन की ओर से कहा गया कि होर्डिंग में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें संगठन सनातन विरोधी मानता है। संगठन का आरोप है कि इनमें से कई लोग ऐसी विचारधाराओं और ताकतों को बढ़ावा देते हैं, जो उसके अनुसार सनातन धर्म के हितों के खिलाफ हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि सत्ता में रहने के दौरान इन लोगों ने सनातन धर्म के समर्थन में काम नहीं किया।
संगठन के मुताबिक, बाबरी मस्जिद विवाद समेत सनातन धर्म से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर इन लोगों के रुख को लेकर उसने यह संदेश देने के लिए होर्डिंग लगवाई हैं। संगठन का कहना है कि इसके जरिए वह लोगों को इन हस्तियों की विचारधारा और उनके कथित रुख के बारे में जागरूक करना चाहता है, ताकि सनातन धर्म के लोग उनके प्रभाव में न आएं।
दशहरे से पहले लगाई गई इन होर्डिंग में धार्मिक प्रतीक रावण के दस सिरों को राजनीतिक नेताओं और अन्य चर्चित हस्तियों की तस्वीरों से जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, होर्डिंग में लगाए गए आरोप संगठन के अपने दावे हैं। संबंधित हस्तियों का इन होर्डिंग और आरोपों पर क्या रुख है, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।


