लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को पंडालों में अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था, प्रवेश-निकास द्वार और आपातकालीन रास्तों की जांच करने को कहा है। अधिकारियों को फील्ड में रहकर सुरक्षा इंतजामों की निगरानी करनी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पूजा पंडालों में सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजामों की जांच की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
निर्देशों के मुताबिक, जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान प्रवेश और निकास द्वारों की स्थिति देखी जाएगी। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पंडालों में भीड़ बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त आपातकालीन निकास मार्ग उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर भी जोर दिया है। अधिकारियों को पंडालों में आग से बचाव के जरूरी इंतजामों का निरीक्षण करने और सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, बिजली व्यवस्था की भी जांच होगी, ताकि शॉर्ट सर्किट या अन्य विद्युत संबंधी घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।
सीएम योगी ने अधिकारियों को केवल कागजी निर्देशों तक सीमित न रहने, बल्कि मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को फील्ड में रहकर सुरक्षा इंतजामों की निगरानी करनी होगी। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
निर्देशों के तहत संबंधित अधिकारियों को पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जरूरी सुधार कराने होंगे। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए अग्नि सुरक्षा, बिजली के सुरक्षित इस्तेमाल और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था को विशेष महत्व दिया गया है।
दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा पर सीएम योगी सख्त, DM और पुलिस कप्तानों को दिए जांच के निर्देश


