– भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की जांच की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए हजरतगंज कोतवाली में तहरीर दी गई है। तहरीर में भ्रष्टाचार, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, फर्जी शपथ पत्र, अभिलेखों में कथित हेराफेरी तथा पद के दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए गए हैं।
तहरीर विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी कमलेश प्रताप सिंह की ओर से दी गई बताई जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा के भीतर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
शिकायतकर्ता ने तहरीर में यह भी दावा किया है कि कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई है।
मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि आरोप सीधे विधानसभा सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़े हैं। शिकायत में कथित रूप से नियुक्ति प्रक्रिया, दस्तावेजों की वैधता और प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल उठाए गए हैं।


