लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असम और वेस्ट बंगाल में चुनावी अभियान के दौरान जबरदस्त सक्रियता दिखाते हुए कुल 27 जनसभाएं और रोड शो किए। उनके इस दौरे को भाजपा की व्यापक चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं को साधने की कोशिश की गई।
मुख्यमंत्री योगी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत असम के सोनितपुर (बरछला) और बारपेटा क्षेत्रों से की, जहां शुरुआती सभाओं के जरिए माहौल तैयार किया गया। इसके बाद 12 अप्रैल से पश्चिम बंगाल में प्रचार ने रफ्तार पकड़ी। पूर्व मेदिनीपुर, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान और वीरभूम जैसे जिलों में लगातार जनसभाएं कर उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया।
चुनावी रणनीति के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षित सीटों पर विशेष फोकस रखा गया। साथ ही शहरी मतदाताओं के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच बनाकर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की गई। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ का यह मैराथन दौरा भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने और विभिन्न वर्गों को एकजुट करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
चुनाव के इस अहम दौर में मुख्यमंत्री के लगातार जनसंपर्क और आक्रामक प्रचार अभियान ने असम और पश्चिम बंगाल की सियासत को और भी गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि इस व्यापक प्रचार का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।


