गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर दौरे के दौरान ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने उनकी समाधि पर पहुंचकर शीश नवाया। इसके बाद गोशाला में गोसेवा करते हुए गायों को गुड़ और रोटी खिलाई।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने हिंदू समाज की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ हिंदू समाज की एकता के अभियान को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे, जबकि महंत अवेद्यनाथ ने बिखरी हुई हिंदू ताकत को एकजुट करने और सामाजिक समता का वातावरण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ ने रामजन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में संतों को साथ लेकर अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि दोनों संतों का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन चरित्र से स्थिरता, समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा मिलती है।
इस दौरान मुख्यमंत्री दिव्यांगजनों के सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने 509 दिव्यांगजनों को 664 विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शारीरिक बाधा किसी व्यक्ति की प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। जरूरत केवल सही अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराने की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन भी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार अवसर और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकार हर पात्र व्यक्ति की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता बरती जाए। बिना भेदभाव पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों को बेहतर इलाज की सुविधा मिले और जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आम लोगों को न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।


