क्रासर
बाजार कला मोहल्ले में घरों में घुसा पानी, जलभराव से आवागमन दुश्वार; तीन विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 200 गांवों की बिजली गुल, गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। 24 घंटे से अधिक समय से जारी तेज हवाओं और रिमझिम बारिश ने शमशाबाद नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर में जलभराव के कारण तालाब जैसे हालात बन गए हैं, वहीं गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से अंधेरा छाया हुआ है। लगातार बारिश से गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को अपने आशियाने ढहने का डर सता रहा है।
बाजार कला मोहल्ले में जलभराव, घरों में घुसा पानी
नगर पंचायत शमशाबाद के मोहल्ला बाजार कला में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। गलियों में पानी भरने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड नंबर 13 के बाजार कला मोहल्ले में एक मकान में पानी घुस गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों ने जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि गलियों में इतना पानी भर गया है कि निकलना भी दुश्वार हो गया है। जरूरी सामान खरीदने के लिए लोगों को पैंट ऊपर उठाकर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
पीड़ितों का आरोप है कि समस्या को लेकर जिम्मेदारों को फोन करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जलभराव से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
200 गांवों में बिजली गुल, पानी का संकट
लगातार बारिश के कारण शमशाबाद, हजियापुर तथा हुसैनपुर तराई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े करीब 200 गांवों की बिजली आपूर्ति मध्यरात्रि से ठप है। तेज हवाओं के चलते अद्दूपुर के पास मुख्य लाइन के तीन विद्युत पोल तिरछे हो गए, जबकि रोशनाबाद फीडर के तीन पोल क्षतिग्रस्त हो गए। हरसिंहपुर फीडर के परम नगर गांव में भी एक विद्युत पोल टूट गया।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। सबमर्सिबल पंप बंद होने से पानी की आपूर्ति प्रभावित है। वहीं मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पाने और बिजली से चलने वाले उपकरण बंद होने के कारण लोगों के जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
लगातार बारिश ने दिहाड़ी मजदूरों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। कामकाज प्रभावित होने से कई परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो गरीबों के कच्चे मकान ढह सकते हैं और कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है।
नगर की गलियों से लेकर गांवों तक गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे गरीब मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में तालाब जैसे हालात, गांवों में अंधेरा और टूटे आशियानों का डर, 24 घंटे की बारिश से शमशाबाद बेहाल


