फर्रुखाबाद। शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा कैंप कार्यालय, नाला सिम्त शुमाल पर लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने महारानी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकुर मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की एक कुशल, न्यायप्रिय, दूरदर्शी एवं लोकप्रिय शासिका थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में बिना किसी जातीय, धार्मिक अथवा सामाजिक भेदभाव के भारतीय संस्कृति, सभ्यता और उसके गौरव के पुनरुत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने राजकोष का अधिकतम उपयोग जनकल्याण, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में किया तथा स्वयं को शासक नहीं बल्कि ईश्वर की सेविका मानते हुए अपना संपूर्ण जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई का शासनकाल सुशासन, न्याय और लोककल्याण का आदर्श उदाहरण माना जाता है। उनके शासन में व्यापार, उद्योग, वस्त्र उत्पादन तथा कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए भी अनेक कार्य किए, जिससे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिला।
अंकुर मिश्रा ने कहा कि जनता के प्रति निष्पक्ष एवं भेदभावरहित सेवा के कारण ही अहिल्याबाई होल्कर को “लोकमाता” की उपाधि प्राप्त हुई। उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को समान संरक्षण प्रदान किया तथा सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने का कार्य किया। इसी कारण इतिहास में उनकी पहचान सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता और लोककल्याणकारी शासन की प्रतीक के रूप में स्थापित हुई।
उन्होंने बताया कि महारानी अहिल्याबाई ने देशभर में अनेक धार्मिक एवं सार्वजनिक निर्माण कार्य कराए। सोमनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, अयोध्या, मथुरा, रामेश्वरम और गया सहित अनेक तीर्थस्थलों पर मंदिरों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के साथ-साथ धर्मशालाओं, कुओं, तालाबों और प्याऊ का निर्माण कराया। काशी में उन्होंने विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के साथ घाटों, कुंडों और दीप स्तंभों का भी निर्माण करवाया, जो आज भी उनके दूरदर्शी एवं लोकहितकारी दृष्टिकोण के साक्षी हैं।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और उनका शासन सामाजिक समरसता, समावेशी सोच और लोककल्याण की भावना का अनुपम उदाहरण है। वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी उनके आदर्श समाज और राजनीति को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी महारानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में एडवोकेट वीरेंद्र मिश्रा, अशोक राठौर, अतीक सलमानी, सलीम खान, अमर मिश्रा, विष्णु मिश्रा, हिमांशु मिश्रा, वत्सल्य मिश्रा, जायदा परवीन, हिमांगी सक्सेना, रोहित वर्मा, शब्बू खान, मुकेश कुमार, रघुवर दयाल, संजय दिवाकर सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


