CATEGORY
पुलिस और नेता बनाते हैं माफिया — सत्ता के संरक्षण में पलता अपराध का साम्राज्य
शुभ दीपावली महोत्सव : अंधकार से प्रकाश की ओर, स्वार्थ से स्वाभिमान की ओर
अपराध की कोई जात नहीं होती —सिर्फ पुलिस नहीं, समाज को भी उठाना होगा ज़िम्मेदारी का बोझ
न्याय की राह के दो प्रहरी : वकील और पुलिस ही हैं कानून की असली ताकत
पावर और पद का नशा और न्याय का पहिया : सत्य दब सकता है, मिट नहीं सकता
“दवा में लापरवाही नहीं, जिम्मेदारी चाहिए”