कोल्हापुर: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की कोल्हापुर बेंच ने 2019 में NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में दोषी नितेश राणे (Nitesh Rane) की 1 महीने की सजा पर रोक लगा दी है। स्थानीय अदालत ने उन्हें 27 अप्रैल 2026 को दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की थी। अब उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना होगा। निचली अदालत ने देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री नितेश राणे को पिछले महीने \एक महीने सजा सुनाई थी लेकिन राणे फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट चले गए और यहां के कोल्हापुर बेंच ने अदालत के इस फैसले पर रोक लगा दी।
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को जेल नहीं जाना होगा. बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने राणे की सजा पर अमल पर रोक लगा दी है। साल 2019 में NHAI के इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में पिछले महीने स्थानीय अदालत ने 1 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। 4 जुलाई 2019 को मुंबई-गोवा हाईवे के इंजीनियर प्रकाश शेडेकर पर कीचड़ फेंकने और जबरदस्ती चलाने का मामला। सिंधुदुर्ग जिला अदालत ने 1 महीने के साधारण कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने इस सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने इस सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है। घटना के समय नितेश राणे विधायक थे। साथ ही जेल की सजा मिलने के कारण नितेश राणे के विधायक या मंत्री पर आंच आने की जो बात कही जा रही थी उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
पीपल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के नियम के अनुसार अगर किसी जन प्रतिनिधि को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ता है, लेकिन नितेश राणे के केस में सजा महज एक महीने का है, और उस पर भी स्थगन मिल चुका है। पुलिस ने तब राणे को गिरफ्तार भी किया था। इसके कोर्ट में बाद वह जमानत पर बाहर आ अए थे। हालांकि यह केस कोर्ट में चलता रहा, फैसला आने के बाद राणे के वकील ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।
अधिकारी को थप्पड़ मारे जाने की घटना को लेकर नितेश राणे ने कहा था कि उन्होंने यह कदम जनता की परेशानी दिखाने के लिए उठाया था। कोर्ट से सजा सुनाए जाने के फैसले के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। मामला जुलाई 2019 का है, तत्कालीन विधायक नितेश राणे कणकवली इलाके में मुंबई-गोवा हाईवे की खराब हालत का जायजा लेने पहुंचे थे लेकिन सड़क पर गड्ढों और कीचड़ को लेकर स्थानीय लोगों ने भारी नाराजगी जताई। इसी दौरान राणे और उनके समर्थकों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक इंजीनियर को मौके पर बुलाया लेकिन राणे ने उस इंजीनियर के साथ दुर्व्यवहार किया और उस पर कीचड़ डाल दिया।


