लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तल्खियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अपने चुनाव ईमानदारी नहीं बल्कि बेइमानी के सहारे जीतती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के एक विधायक के बयान ने खुद उनकी पार्टी की राजनीति की पोल खोल दी है और यह साबित कर दिया है कि सत्ता हासिल करने के लिए किस तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं।
जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने और तहसीलें जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनने के बजाय भ्रष्टाचार के अड्डों में तब्दील हो चुकी हैं। आम लोगों को न्याय और सुविधा पाने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सत्ता से जुड़े लोगों को खुली छूट मिली हुई है।
सपा प्रमुख ने प्रदेश सरकार पर भूमाफियाओं और खनन माफियाओं को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला जारी है और धार्मिक नगरी अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, लखनऊ तथा कानपुर जैसे महत्वपूर्ण शहर भी इससे अछूते नहीं हैं। उनका दावा था कि भाजपा से जुड़े लोगों ने बड़े पैमाने पर भूमि कब्जाने का काम किया है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब भाजपा की राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी प्रबंधन को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी और सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायक के बयान ने “भ्रष्ट राजनीति का एनकाउंटर” कर दिया है, अब देखना यह होगा कि पार्टी ऐसे नेता के खिलाफ कार्रवाई करती है या उसे और बड़ा पुरस्कार देती है।
इस बीच सपा मुख्यालय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती भी मनाई गई। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए महिला सशक्तिकरण, सुशासन और धार्मिक स्थलों के संरक्षण में किए गए कार्यों को प्रेरणादायी बताया।


