नौजवानों और आम जनता की आवाज दबाने का आरोप, कार्रवाई को बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फर्रुखाबाद आगमन से पहले भारतीय किसान यूनियन क्रांति के प्रदेश अध्यक्ष चंदन यादव को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे नौजवानों और आम जनता की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
चंदन यादव को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद किसान संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और संगठन को अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने तथा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। ऐसे में किसी किसान नेता को अपनी बात रखने से पहले ही घर में नजरबंद करना उचित नहीं है।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि योगी सरकार में नौजवानों और आम जनता की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन की कोई मांग है तो उसे सुनने के बजाय नजरबंद करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
भारतीय किसान यूनियन क्रांति ने प्रशासन से सवाल किया कि जब किसान और नौजवान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, तो उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3 सितंबर को फर्रुखाबाद आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की है और कार्यक्रम स्थल पर अनधिकृत व्यक्तियों की पहुंच रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
संगठन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले किसान नेताओं की आवाज को दबाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले को लेकर संगठन आगे की रणनीति तय करने की तैयारी में है।


