अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही राम मंदिर (Ram Mandir) की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के नवनियुक्त कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका आज दिल्ली से अयोध्या (Ayodhya) पहुंच रहे हैं। वे सर्वप्रथम रामलला के दर्शन करेंगे, जिसके बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक कर अपना पदभार ग्रहण करेंगे।
इसी क्रम में नवनियुक्त महासचिव स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज भी आज अयोध्या में रहेंगे। वे भी रामलला के दर्शन के उपरांत अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे और धार्मिक समिति के साथ भविष्य की व्यवस्थाओं को लेकर मंत्रणा करेंगे।
40 मिनट की बंद कमरे में चंपत राय से चली चर्चा
इससे पूर्व, बीती रात स्वामी गोविंददेव गिरि ने तीर्थ क्षेत्र भवन में निवर्तमान महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। यह मुलाकात लगभग 40 मिनट तक चली। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान ट्रस्ट के समक्ष आने वाली चुनौतियों और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
भोग व्यवस्था और आरती में हुआ ऐतिहासिक बदलाव
रामलला की नित्य आरती और भोग की व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रातःकाल जागरण से लेकर रात्रि 10 बजे शयन आरती तक, प्रत्येक आरती और भोग के समय परंपरागत पदों का गायन किया जाएगा। ट्रस्ट ने इसके लिए विशेष पारंपरिक पद-गायकों का चयन कर लिया है। यह नई परंपरा इसी सप्ताह से लागू होने की उम्मीद है। ट्रस्ट का मानना है कि इससे मंदिर का वातावरण और अधिक भावपूर्ण व आध्यात्मिक होगा, जिससे भक्तों को एक अलौकिक अनुभूति प्राप्त होगी।


