नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अधिकार को लेकर ममता बनर्जी गुट और बागी गुट के बीच सियासी संघर्ष तेज हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने चुनाव आयोग से पार्टी पर अपने दावे से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। आयोग ने फिलहाल इस मांग पर कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन जल्द निर्णय होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार आयोग पहले भी बागी गुट को समय बढ़ाकर 10 जुलाई तक का अवसर दे चुका था। इसके बावजूद बागी गुट ने दस्तावेज तैयार न होने का हवाला देते हुए फिर से अतिरिक्त समय की मांग की है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट 6 जुलाई को ही सभी आवश्यक दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंप चुका है। ममता गुट की ओर से सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी गुट के दावे को पूरी तरह निराधार और फर्जी बताया है।
चुनाव आयोग दोनों पक्षों के जवाब और दस्तावेज मिलने के बाद ही पार्टी पर अधिकार को लेकर अंतिम निर्णय करेगा। आयोग का फैसला निर्वाचित सांसदों-विधायकों के बहुमत, संगठनात्मक समर्थन और पार्टी के संविधान के आधार पर लिया जाएगा। टीएमसी पर दावेदारी की यह लड़ाई अब बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े सियासी विवादों में शामिल हो गई है।


